
बागेश्वर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डायट में शैक्षिक नेतृत्व और प्रबंधन पर प्रधानाचार्यों की पांच दिवसीय कार्यशाला का समापन करते हुए डायट के प्रधानाचार्य श्यामलाल आर्य ने नेतृत्व क्षमता विकसित करके छात्र-छात्राओं के भविष्य का निर्माण करने का आह्वान किया।
समापन करते हुए डायट के प्राचार्य ने कहा कि प्रधानाचार्यों के सामने वर्तमान समय की प्रतिस्पर्धा के कारण तमाम तरह की चुनौतियां हैं। प्रशिक्षण प्रभारी तरुण पंत ने कहा कि सामाजिक और अकादमिक क्षेत्र में प्रधानाचार्यों की नेतृत्व क्षमता का लाभ समाज और शिक्षा जगत को मिल सकेगा। डा. केएस रावत और डा. दयासागर ने शिक्षकों और प्रधानाचार्यों में मौजूद नेतृत्व गुणों को उभारने की आवश्यकता है। तभी बच्चों को इसका लाभ मिलेगा। अजीज प्रेम जी फाउंडेशन के अंबरीश बिष्ट ने कहा कि शैक्षिक क्षेत्र में जारी चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए शिक्षक गंभीरता से प्रयास करें तो बदलाव आ सकता है और गुणात्मक सुधार हो सकता है। इस मौके पर मास्टर ट्रेनर रमेश लोहनी, अमर प्रकाश, जेपी आगरी, राजेश रावत, राकेश जोशी, हेमवती नंदन जोशी, कुदन कोरंगा, तुलसी आगरी, नीमा पांडे आदि ने विचार रखे। संचालन नीरज पंत ने किया। कार्यशाला में जिले 37 प्रधानाचार्यों ने भाग लिया।
